Tuesday, 15 December 2015
अब जांच की जद में पूरी आगरा यूनिवर्सिटी फर्जी मार्क्सशीट प्रकरण
अब जांच की जद में पूरी आगरा यूनिवर्सिटी
फर्जी मार्क्सशीट प्रकरण
अागरा। डॉ. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय के फर्जी मार्क्सशीट प्रकरण की जांच का दायरा बढ़ने जा रहा है। अभी तक सिर्फ बीएड की जांच चल रही है। वो भी केवल 2004 से 2009 तक के सत्रों की लेकिन अब एसआईटी ने सभी पाठ्यक्रमों को जांच के घेरे में लेने की तैयारी कर ली है। उच्च न्यायालय से अनुमति मिलते ही 1999 से 2014 तक के सत्रों की फाइलें खंगालने का काम शुरू कर दिया जाएगा। यह नौबत इसलिए आई है क्योंकि जांच एजेंसी कोबीएड की तरह सभी फैकल्टी से जाली मार्क्सशीट जारी किए जाने का शक है।
अभी तक की जांच में एसआईटी को बीएड की 25,000 जाली मार्क्सशीट मिल चुकी हैं। यह भी पता चल चुका है कि बेसिक शिक्षा विभाग में 4,500 सहायक अध्यापकों की बीएड डिग्री फर्जी है। इनमें से 497 को नोटिस जारी कर पूछताछ शुरू हुई तो पता चला कि सिर्फ बीएड की नहीं, लगभग सभी पाठ्यक्रमों की फर्जी डिग्री बेची गई हैं। अभी तक जांच के दायरे में 83 निजी कॉलेज हैं। लेकिन अब तैयारी यूनिवर्सिटी से संबद्ध सभी 770 कॉलेजों की जांच की है। इसी बीच यह खुलासा भी हुआ कि एमबीए, बीटेक, बीई, एमसीए , बीएससी इन कंप्यूटर साइंस की डिग्री फर्जी पाई हैं। इनके जरिए कई युवाओं ने विदेशों में नौैकरी हासिल कर लीं। ये डिग्रियां सत्यापन के लिए यूनिवर्सिटी आई थीं।
1999 से बनाई जा रही थी जाली डिग्री
एसआईटी जांच में पाया गया कि बीएड की जाली डिग्री 2004 से नहीं, 1999 से ही बनाई जा रही थीं। यूनिवर्सिटी से रिकार्ड मांगा तो जवाब मिला कि 2004 से लेकर 2014 तक का डाटा गायब हो गया है। दो दिन पहले ही खुलासा हुआ कि 2014 के सत्र में 6000 फर्जी छात्रों को परीक्षा में बैठाया गया। केस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि तमाम तथ्यों के मद्देनजर एसआईटी ने जांच का दायरा बढ़ाने का फैसला लिया। इसके लिए अब सिर्फ हाईकोर्ट से अनुमति मिलने का इंतजार है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस कोर्ट में चल रही है। अभी तक सात एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। छह आगरा पुलिस ने और एक एसआईटी ने दर्ज की। उधर, जांच का दायरा बढ़ने पर एसआईटी को और मजबूत किया जा सकता है। अभी 55 अधिकारी जांच में लगे हैं। इनकी संख्या बढ़ सकती है।
रिक्त पदों को विज्ञापन में जोड़ा तो आंदोलन हाईकोर्ट में याचिका भी दायर करेगा राजकीय भर्ती मोर्चा
रिक्त पदों को विज्ञापन में जोड़ा तो आंदोलन
हाईकोर्ट में याचिका भी दायर करेगा राजकीय भर्ती मोर्चा
राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : राजकीय कालेजों में एलटी ग्रेड के रिक्त पदों को लेकर अभ्यर्थी लामबंद होने लगे हैं। रविवार को उन्होंने बैठक करके यह तय किया कि यदि सरकार ऐसे पदों को नई भर्ती में शामिल करती है तो आंदोलन किया जाएगा। हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की जाएगी।
राजकीय हाईस्कूल एवं इंटर कालेजों में 6645 एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती दो काउंसिलिंग पूरी हो जाने के बाद भी पूरी होने का नाम नहीं ले रही है। अभी भी बड़ी संख्या में पद खाली हैं। सरकार अब तीसरी काउंसिलिंग से बचना चाहती है इसलिए रिक्त पदों को नए विज्ञापन में जोड़े जाने पर विचार किया जा रहा है। इसको लेकर रविवार को आयोजित बैठक में कई जिलों के अभ्यर्थी शामिल हुए।
उनका कहना था कि दूसरी काउंसिलिंग का परिणाम जल्द ही आने वाला है और उसके बाद भी सैकड़ों पद रिक्त रह जाएंगे। ऐसी स्थिति में तीसरी काउंसिलिंग करानी चाहिए क्योंकि बहुत से अभ्यर्थी काफी कम प्वाइंट से चूक रहे हैं। मोर्चा के संयोजक प्रवीण सिंह ने बताया कि सरकार को पुरानी प्रक्रिया से ही नियुक्ति करना चाहिए अन्यथा हर स्तर पर इसका विरोध किया जाएगा।
एलटी ग्रेड सहायक अध्यापकों की भर्ती में आएगी तेजी लखनऊ,
एलटी ग्रेड सहायक अध्यापकों की भर्ती में आएगी तेजी
लखनऊ,
सूचनाएं तो हैं लेकिन बिखरी हुई। आगरा मंडल की जानकारी अलीगढ़ को नहीं मिल रही तो देवीपाटन की जानकारियों से लखनऊ अनजान है। राजकीय इंटर कॉलेजों के लिए चल रही 6,645 एलटी ग्रेड भर्ती में पिछले एक वर्ष में 30 फीसदी से भी कम भर्ती हो पाई है।
इससे निपटने के लिए शिक्षा विभाग ने एक मोबाइल एप (एप्लीकेशन) विकसित किया है। इसके सहारे भर्ती को जल्द निपटाने की योजना है। अभी मंडलों से जानकारियां मंगाई जा रही हैं ताकि इसे एप पर अपलोड किया जा सके। इस मोबाइल एप में सारे मंडलों में आवेदित अभ्यर्थियों का ब्योरा फीड किया जाएगा। इसके बाद काउंसलिंग में आए हुए, कट ऑफ आदि का विवरण भी होगा। वहीं ज्वाइन कर चुके अभ्यर्थियों का ब्योरा अलग होगा। इससे हर मंडल को पता चल सकेगा कि किस अभ्यर्थी ने कहां ज्वाइन कर लिया है। उस अभ्यर्थी के एक मंडल में कार्यभार ग्रहण करते ही उसे फ्रीज कर दिया जाएगा यानी वह अभ्यर्थी बाकी जगहों के ब्योरे से निकल जाएगा।
वहीं डाटा फिल्टर करने से बाकी जानकारियां भी सामने आ जाएंगी। मसलन किसी अभ्यर्थी ने फर्जी मार्कशीट के सहारे एक मंडल में नौकरी पाई, पकड़ा गया तो उसके खिलाफ उस जिले में एफआईआर होगी। ये जानकारियां भी एप पर मिलेंगी। लिहाजा बाकी मंडल भी उस अभ्यर्थी को लेकर सतर्क हो जाएंगे और उसे सभी जगहो पर ब्लॉक कर दिया जाएगा।
दरअसल यह भर्ती प्रक्रिया पिछले वर्ष से चल रही है और इसमें पहली काउंसलिंग अप्रैल से शुरू हुई। लेकिन अभी तक इस भर्ती प्रक्रिया में तेजी नहीं आ पाई है। इसका कारण है कि यह भर्ती मंडलवार होती है और इसका पूरा डाटा ऑफलाइन होने की वजह से एक मंडल की जानकारी दूसरे मंडल को नहीं हो पाती। वहीं फर्जी अंकपत्रों के सहारे नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों की संख्या भी कम नहीं। हो यह रहा है कि एक अभ्यर्थी को फर्जी अंकपत्र के सहारे आगरा मंडल में नौकरी मिली। वहां जांच में पकड़े गए तो मुरादाबाद मंडल में ज्वाइन कर लिया
:प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण छोटे-छोटे बच्चों को अभिभावक विद्यालय भेजने में रूचि लें।
फर्रूखाबादः जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार सिंह ने जिले की कायमगंज तहसील के लोहिया ग्राम हमीरपुर खास के प्राथमिक विद्यालय का आज निरीक्षण करने के दौरान माॅ-बाप द्वारा छोटे- छोटे बच्चों को विद्यालय न भेजकर खेत में तम्बाकू आदि काम कराये जाने के मामले को लेकर प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बेगीश गोयल को निर्देश देते हुये कहा कि ऐसे अभिभावकों को नोटिस भेजे और हिदायत दे कि छोटे-छोटे बच्चों से यदि आप खेतों का काम कराते हैं। तो यह अपराध हैं और ऐसे अभिभावकों के विरूद्व पुलिस कार्यवाही भी करायी जा सकती हैं।
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